भगवान महावीर के ११ गणधर और इंद्रभूति गौतम का जीवन परिचय (अहंकार से दीक्षा तक)

१. भगवान महावीर के ११ गणधर

जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के समवसरण में कुल ११ गणधर (मुख्य शिष्य) थे। इन सभी में सबसे प्रमुख गणधर का नाम इन्द्रभूति गौतम था।

२. इंद्रभूति गौतम का परिचय और परिवार

३. विद्वता और अहंकार

इन्द्रभूति गौतम और उनके दोनों भाई वेद-वेदांग के प्रकांड विद्वान थे।

४. सौधर्म इंद्र की परीक्षा और जीवन परिवर्तन

इन्द्रभूति के जीवन में परिवर्तन तब आया जब सौधर्म इंद्र ने उनके अहंकार को तोड़ने की योजना बनाई।

ये प्रश्न सुनकर वे निरुत्तर हो गए और यहीं से उनकी सत्य की खोज (भगवान महावीर की शरण) की यात्रा शुरू हुई।


Key Points in English

Here are the essential highlights regarding Lord Mahavir's Ganadharas and Indrabhuti Gautam: